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सहसपुर में शारदीय नवरात्र की पंचमी परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

सहसपुर शारदीय नवरात्र की पंचमी के अवसर पर सहसपुर में वर्षों से चली आ रही राजपरिवार की पारंपरिक परंपरा पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ निभाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

परंपरा के अनुसार पंचमी के दिन राजा द्वारा दिन में अपने कुल देवी-देवताओं एवं पूर्वजों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की गई तथा क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा गया।

पूजा-अर्चना के पश्चात शाम को राजा ने क्षेत्रवासियों के साथ ग्राम भ्रमण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी शामिल हुए। पूरे आयोजन में पारंपरिक उत्साह, आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।

सहसपुर में नवरात्र की पंचमी से जुड़ी यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राजपरिवार और क्षेत्रवासियों के बीच पीढ़ियों से चले आ रहे आत्मीय संबंध, स्थानीय संस्कृति और विरासत का भी प्रतीक है। पंचमी के अवसर पर आयोजित ग्राम भ्रमण ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत किया।

सहसपुर में शारदीय नवरात्र की पंचमी परंपरागत हर्षोल्लास के साथ मनाई गई

सहसपुर शारदीय नवरात्र की पंचमी के अवसर पर सहसपुर में वर्षों से चली आ रही राजपरिवार की पारंपरिक परंपरा पूरे हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ निभाई गई। इस अवसर पर क्षेत्रवासियों की भी उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।

परंपरा के अनुसार पंचमी के दिन राजा द्वारा दिन में अपने कुल देवी-देवताओं एवं पूर्वजों की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है। पूजा के दौरान क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और प्रगति की कामना की गई तथा क्षेत्रवासियों के कल्याण के लिए आशीर्वाद मांगा गया।

पूजा-अर्चना के पश्चात शाम को राजा ने क्षेत्रवासियों के साथ ग्राम भ्रमण किया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं क्षेत्रवासी शामिल हुए। पूरे आयोजन में पारंपरिक उत्साह, आस्था और सामाजिक एकता का सुंदर वातावरण देखने को मिला।

सहसपुर में नवरात्र की पंचमी से जुड़ी यह परंपरा केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि राजपरिवार और क्षेत्रवासियों के बीच पीढ़ियों से चले आ रहे आत्मीय संबंध, स्थानीय संस्कृति और विरासत का भी प्रतीक है। पंचमी के अवसर पर आयोजित ग्राम भ्रमण ने एक बार फिर इस ऐतिहासिक परंपरा को जीवंत किया।

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